Friday, 30 August 2013

ਪੰਜਾਬੀ ਸ਼ਾਇਰੀ


ਕੁਝ ਪਲਾ ਦੇ ਪਲ ਹੁਣ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਨੇ,
ਅਸੀ ਉਹਦੇ ਤੇ ਉਹ ਮੇਰੇ ਖਿਆਲ ਵਿੱਚ ਨੇ,
ਇਕੱਲਾ ਸੀ ਪਹਿਲਾ ਪਰ ਬੇ-ਪਰਵਾਹ ਸੀ ਜਿੰਦਗੀ,
ਹੁਣ ਫਿਕਰ ਲੱਗੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਕਿਸ ਹਾਲ ਵਿੱਚ ਨੇ..


Friday, 23 August 2013

दिवाली पर कविता

सर पे है दीपावली, सजे हुए बाज़ार,
बच्चों की फरमाइशे, मगर जेब लाचार,
दिल भी जले गरीब का, थर-थर कांपे हाथ,
महंगा-महंगा तेल जब, जले दिए के साथ,
नहीं बढ़ी तनख्वाह पर, बढ़ जाते है भाव,
मन के मन में रह गऐ, मेरे सारे चाव..

Monday, 12 August 2013

दोस्ती पर कविताएं






एक हसीन पल की जरूरत है हमें,
बीते हुए कल की जरूरत है हमें,
सारा जहाँ रूठ गया हमसे..
जो कभी ना रूठे ऐसे दोस्त की जरूरत है हमें ...

Saturday, 10 August 2013

ज़िन्दगी पर कविता

जिसे चाहा काश वो हमारा होता,
मेरी खुवाहिशों का भी कोई किनारा होता,
ये सोच कर मैंने उस को रोका नहीं,
दूर ही क्यों जाता अगर वो हमारा होता..!! ...

दिल की बात कही लब पे ना आ जाए